Video: कभी फूंस की झोपड़ी में कटती थी रात, आज है खुद का पक्का मकान! ₹25 के पंखे ने बदला मुकद्दर

Video: कभी फूंस की झोपड़ी में कटती थी रात, आज है खुद का पक्का मकान! ₹25 के पंखे ने बदला मुकद्दर
Jeevika Didi Success Story: बिहार के जहानाबाद में माइक्रो फाइनेंस के छोटे से लोन ने एक ग्रामीण महिला की जिंदगी बदल दी है. पंडुई गांव की मंजू देवी पहले फूंस की झोपड़ी में रहती थीं और बांस की कलाकृतियां बनाने का हुनर होने के बावजूद पूंजी की कमी से काम आगे नहीं बढ़ा पा रही थीं. पड़ोसन से जानकारी मिलने पर वह जीविका समूह से जुड़ीं और 20,000 रुपए का लोन लिया. इसी रकम से उन्होंने बांस से सूप, पंखा, मौनी और लावा छींटने वाला बट्टा बनाना शुरू किया. अरवल से बांस मंगाने से लेकर तैयार प्रोडक्ट तक में उनके पति भी साथ देते हैं. आज वह 5 से 6 तरह के बांस उत्पाद बनाती हैं. वर पूजा जैसे मौकों पर उनके हाथ से बने पंखों की खास मांग रहती है. जिनकी कीमत प्रति पीस 25 रुपए है. थोक खरीद पर रेट और कम हो जाता है. मंजू देवी का कहना है कि इसी आय ने उन्हें झोपड़ी से पक्के मकान और सम्मानजनक जीवन तक पहुंचा दिया.