Video: जब भ्रष्ट IAS के 5 करोड़ी बंगले में CM नीतीश ने खुलवाया स्कूल, बिहार में सुशासन का है पहला मॉडल
Bihar News: राजधानी पटना का रुकनपुरा इलाका एक ऐसी मिसाल पेश करता है. जहां भ्रष्टाचार की हार और शिक्षा की जीत की कहानी दीवारों पर लिखी है. साल 2011 में नीतीश सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम के तहत 1981 बैच के आईएएस अधिकारी शिव शंकर वर्मा का तीन मंजिला आलीशान बंगला जब्त किया था. जो आज एक आदर्श प्राथमिक विद्यालय के रूप में अपनी पहचान बना चुका है. कभी जिस घर की कीमत 5 करोड़ रुपये आंकी गई थी और जहां के लॉकर से 9 किलो सोना बरामद हुआ था. आज वहां महादलित समुदाय के बच्चे मार्बल लगे कमरों में पढ़ाई करते हैं. प्राथमिक विद्यालय रुकनपुरा (मुशहरी) में आज निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं हैं आरओ वाटर, टाइल्स वाले क्लासरूम, फर्स्ट एड बॉक्स और बेहतरीन लाइटिंग. खास बात यह है कि घर के गैरेज को 'मिड-डे मील' की रसोई बनाया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2010 के चुनाव में वादा किया था कि भ्रष्ट अफसरों के घरों में स्कूल खोलेंगे. जीत के बाद सबसे पहली कार्रवाई एसएस वर्मा पर हुई. सितंबर 2011 में जब दो कमरों के जर्जर भवन से निकलकर बच्चे इस महलनुमा स्कूल में पहुंचे, तो उनकी दुनिया ही बदल गई. आज 15 साल बाद भी यह स्कूल न केवल सुशासन का प्रतीक है, बल्कि इलाके के गरीब बच्चों के लिए एक उम्मीद का केंद्र बना हुआ है.