स्वतंत्रता आंदोलन की आग और विरह का आदिम राग

स्वतंत्रता आंदोलन की आग और विरह का आदिम राग
कजरी और पूरबी गीतों के जरिए 1857 के दमन, गिरमिटिया विस्थापन और आज के पलायन का दर्द आज भी वैसा ही है. बनारस घराना और रेखा भारद्वाज जैसे कलाकारों ने इस दर्द को वैश्विक स्वर देने का काम किया है.