गंगा के मैदान से हिमालय की चोटी तक, मंडराया संकट, ताजा आंकड़ों ने बढ़ाई धड़कन
कोलकाता के बोस इंस्टीट्यूट की स्टडी में प्रदूषण को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. स्टडी बताती है कि इंडो गंगा प्लेन में पिछले दशक में पार्टिकुलेट मेटर से होने वाले प्रदूषण की मात्रा में 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है. पंजाब बिहार से निकला धुआं हिमालय की चोटियों तक पहुंच चुका है.