भारत के पूर्व उप-राष्ट्रपति के गांव का ऐसा हाल... खुद ही देख लीजिए
सीकर जिले के दांतारामगढ़ क्षेत्र स्थित पूर्व उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत के पैतृक गांव खाचरियावास में परिवहन व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. आरोप है कि अधिकांश निजी बसें निर्धारित बस स्टैंड पर आने के बजाय सीधे बाईपास मार्ग से निकल जाती हैं, जिससे गांव के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि बस चालक कई बार यात्रियों की मांग के बावजूद गांव के अंदर नहीं आते और उन्हें जबरन बाईपास पर ही उतार देते हैं.सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को हो रही है, जिन्हें देर शाम या रात के समय सुनसान रास्तों से पैदल गांव तक पहुंचना पड़ता है. ग्रामीणों का आरोप है कि परिवहन विभाग की कार्रवाई केवल कुछ दिनों तक ही असर दिखाती है, उसके बाद बस संचालक फिर पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं. अब गांव के लोग नियम तोड़ने वाले बस संचालकों के परमिट रद्द करने की मांग कर रहे हैं और इस मुद्दे को परिवहन मंत्री तक पहुंचाने की तैयारी में हैं. आखिर क्यों बस स्टैंड की बजाय बाईपास को चुना जा रहा है और क्या प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाएगा? देखिए इस ग्राउंड रिपोर्ट में पूरी कहानी.