जब जिमखाना क्लब में महिलाओं को नहीं था पुरुषों के बराबर हक, कैसे टूटी रूढ़िवादी बेड़ियां, किरण बेदी ने बताया दर्द
Kiran Bedi on Gymkhana Club: साल 1975 में जब दिल्ली के प्रतिष्ठित जिमखाना क्लब में महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था, तब देश की पहली महिला आईपीएस किरण बेदी ने इस रूढ़िवादी और लैंगिक भेदभाव वाले नियम को कड़ी चुनौती दी थी. उनके संघर्ष के बाद क्लब से यह पक्षपात खत्म हुआ. पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के योगदान और क्लब के मध्यमवर्गीय स्वरूप को याद करते हुए उन्होंने हालिया प्रशासनिक बदलावों के कारण हुई अपनी अचानक बेदखली पर गहरा दर्द भी व्यक्त किया.