चले गये शब्दों को जादुई बनाने वाले शायर बशीर बद्र....'ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं'...मेरठ का वो छूटना

चले गये शब्दों को जादुई बनाने वाले शायर बशीर बद्र....'ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं'...मेरठ का वो छूटना
Memories Of Basheer Badra : 91 साल की उम्र में भोपाल में मशहूर उर्दू शायद बशीर बद्र का इंतकाल हो गया. वह लंबे समय से बीमार थे. याददाश्त भी साथ छोड़ चुकी थी. कभी वह मेरठ की महफिलों की शान होते हुए देश के सबसे प्यारे शायर बन गए. हालांकि मेरठ ने उन्हें दिल में भी रहा और जख्म भी दिया...