एक दुर्घटना और बंजर भूम‍ि में उगा द‍िया 3000 पेड़ों का जंगल, पद्मश्री देवकी अम्‍मा की अद्भुत कहानी

एक दुर्घटना और बंजर भूम‍ि में उगा द‍िया 3000 पेड़ों का जंगल, पद्मश्री देवकी अम्‍मा की अद्भुत कहानी
केरल की देवकी अम्‍मा को पद्मश्री 2026 से सम्‍मान‍ित क‍िया गया है. पेशे से श‍िक्षि‍का रहीं देवकी अम्‍मा को पता भी नहीं था क‍ि एक दुर्घटना जो उन्‍हें ब‍िस्‍तर पर ले आई और ड‍िप्रेशन में धकेल रही थी, वही उनकी जिंदगी का ऐसा मोड़ बन जाएगी जो उन्‍हें 3000 पेड़ों की मां बना देगी और पूरा देश उनके त्‍याग, करुणा और प्रकृत‍ि के प्रत‍ि प्रेम के प्रत‍ि नतमस्‍तक हो जाएगा. करीब 44 साल पहले एक कार एक्‍सीडेंट में बुरी तरह घायल हुईं देवकी अम्‍मा एक साल ब‍िस्‍तर पर रहीं, लेक‍िन अचानक उन्‍हें लगा क‍ि इस तरह तो नहीं जीया जा सकता और फ‍िर उन्‍होंने शुरुआत की अपने आंगन में पौधा रोपने से. आज एक पौधा, कल पेड़ ओर परसों जंगल.. के मंत्र को दोहराती देवकी अम्‍मा ने फ‍िर केरल के सबसे बंजर ज‍िले की करीब 5 एकड़ जमीन में पौधे रोपना शुूरू कर द‍िया. लोग अम्‍मा पर हंसते रहे और अम्‍मा के लगाए पौधे लहलहाते हुए पेड़ बनते रहे और फ‍िर एक घना जंगल मुस्‍कुराने लगा. आज देवकी अम्‍मा के इस काम के ल‍िए भारत सरकार ने उन्‍हें सम्‍मान‍ित क‍िया है. अम्‍मा कहती हैं क‍ि पेड़ों को बढ़ते देखना है ऐसा है जैसे अपने बच्‍चों को बढ़ते देखना.. आइए इस वीड‍ियो में सुनते हैं देवकी अम्‍मा की पूरी कहानी..