सनातन के प्रचार व गौरक्षा के लिये युवती बन गई साध्वी, ले चुकी हैं जल व अग्नि समाधि, संस्कृत से कर रहीं शास्त्री की पढ़ाई
फिरोजाबाद के जिला मुख्यालय के पास स्थित गांव विजयपुरा में रहने वाली सिद्धेश्वरी साध्वी ने लोकल 18 से बातचीत की और कहा कि वह सनातन धर्म के प्रचार के लिए कठोर तपस्या कर रही है. वह बचपन से ही बालाजी महाराज की आराधना करती चली आ रही है. साल 2021 में उन्होंने अपना स्वरूप बदलकर संतों का चोला ओढ़ लिया. अब वह सनातन के प्रचार के लिए साध्वी बन गई है. उनके गुरुजी बागेश्वर शाम के प्रसिद्ध संत धीरेंद्र शास्त्री हैं. वहीं से उन्होंने दीक्षा ली है.