रेत के समंदर में बही ‘दूध की गंगा’! 63 गांवों से रोज हजारों लीटर दूध का संग्रह, किसान कमा रहे लाखों रूपए

रेत के समंदर में बही ‘दूध की गंगा’! 63 गांवों से रोज हजारों लीटर दूध का संग्रह, किसान कमा रहे लाखों रूपए
Dairy Farming Rajasthan: विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है. रेत और सूखे के लिए पहचान रखने वाले इलाके में आज 63 गांवों से प्रतिदिन लगभग 40 हजार लीटर दूध का संग्रह किया जा रहा है. इस दुग्ध उत्पादन से किसानों और पशुपालकों को रोजाना करीब 24 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है. डेयरी गतिविधियों ने ग्रामीण परिवारों के लिए नियमित आय का स्रोत तैयार किया है और पशुपालन को लाभदायक व्यवसाय के रूप में स्थापित किया है. आधुनिक डेयरी प्रबंधन, सहकारी समितियों की सक्रिय भूमिका और पशुपालकों की मेहनत ने इस क्षेत्र को दुग्ध उत्पादन का मजबूत केंद्र बना दिया है.