भरतपुर में कासनी का बढ़ता क्रेज, सस्ता हरा चारा और बेहतर सेहत, दूध उत्पादन के साथ किसानों की आय भी बढ़ी

भरतपुर में कासनी का बढ़ता क्रेज, सस्ता हरा चारा और बेहतर सेहत, दूध उत्पादन के साथ किसानों की आय भी बढ़ी
Agriculture News : भरतपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों कासनी की खेती तेजी से किसानों की पसंद बनती जा रही है. खासतौर पर पशुपालक इसे हरे चारे के रूप में बड़े पैमाने पर उगा रहे हैं, जिससे उन्हें कई फायदे एक साथ मिल रहे हैं. गर्मियों में जब हरे चारे की कमी होती है, उस समय कासनी एक सस्ता और भरोसेमंद विकल्प साबित हो रही है. इसमें मौजूद पोषक तत्व पशुओं के पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं, जिससे उनकी सेहत सुधरती है और दूध उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है. किसान बताते हैं कि कासनी खिलाने से पशुओं में बीमारियां कम होती हैं और उनकी ऊर्जा बनी रहती है. खास बात यह है कि यह फसल कम लागत और कम पानी में आसानी से तैयार हो जाती है. साथ ही, पकने के बाद इसे बाजार में बेचकर अतिरिक्त आय भी कमाई जा सकती है. यही वजह है कि अब किसान पारंपरिक चारे की जगह कासनी को तेजी से अपना रहे हैं.