तांत्रिकों के कब्जे से मुक्त कराई गई थी बालाजी की मूर्ति! जानें सालों पुराने कोटड़ा धाम का इतिहास

तांत्रिकों के कब्जे से मुक्त कराई गई थी बालाजी की मूर्ति! जानें सालों पुराने कोटड़ा धाम का इतिहास
Kotra Balaji Dham Sikar: सीकर जिले में स्थित कोटड़ा बालाजी धाम आस्था, इतिहास और धार्मिक मान्यताओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यह धाम करीब 1000 वर्ष पुराना बताया जाता है और यहां स्थापित बालाजी की प्रतिमा से जुड़ी कई रोचक कथाएं प्रचलित हैं. मान्यता है कि प्राचीन काल में यह प्रतिमा तांत्रिकों के प्रभाव में थी, जिसे बाद में संतों और श्रद्धालुओं के प्रयासों से मुक्त कराकर वर्तमान स्थान पर स्थापित किया गया. तभी से यह धाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां दूर-दूर से भक्त दर्शन और मनोकामना पूर्ति के लिए पहुंचते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बालाजी महाराज के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने वालों की परेशानियां दूर होती हैं. ऐतिहासिक महत्व, आध्यात्मिक वातावरण और चमत्कारों से जुड़ी लोककथाओं के कारण कोटड़ा बालाजी धाम आज राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है और हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है.