खोखले बांस से बहराइच के डिहा गांव की वंदना तैयार करती हैं आकर्षक पंखा, 50 रुपये बाजार में है कीमत, हर महीने कमा रहीं 50000

खोखले बांस से बहराइच के डिहा गांव की वंदना तैयार करती हैं आकर्षक पंखा, 50 रुपये बाजार में है कीमत, हर महीने कमा रहीं 50000
बहराइच जिले के छोटे से गांव डिहा में रहने वाली वंदना देवी पिछले कई सालों से समूह में जोड़कर अपनी कामयाबी की तकदीर खुद लिख रही है. यह समूह से जुड़कर कई काम करने के साथ-साथ गर्मियों में हाथ पंखा(बेना) बनकर तैयार कर रही हैं. जिसको बनाने के लिए बाहर से खोखले बाँस को मांगकर बीच से फाड़ कर भिगोकर फिर इसको बीनकर और आकार देकर या हाथ पंखा बनकर तैयार करती हैं.