Video: बिना खेत भी होगी बंपर कमाई! बिहार के वैज्ञानिक ने खोजा मल्टीलेयर फॉर्मूला, 4 गुना बढ़ेगा मुनाफा
Multilayer Farming Tips: पश्चिम चम्पारण के छोटे किसानों के लिए अब खेती का मतलब सिर्फ बड़े खेत नहीं, बल्कि आंगन या घर के पास का छोटा टुकड़ा भी है. माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने मल्टीलेयर फार्मिंग के जरिए सीमित जमीन को ‘मिनी सब्जी फैक्ट्री’ में बदलने का प्रयोग शुरू किया है. इस पद्धति में जमीन की एक ही पट्टी पर 4 मंजिला खेती होती है. सबसे नीचे अदरक, हल्दी, गाजर, मूली जैसी जड़ वाली फसलें, ऊपर की सतह पर लौकी, कद्दू, खीरा, मध्यम ऊंचाई पर टमाटर, बैंगन, मिर्च और सबसे ऊपर मचान पर करेला, सेम और नेनुआ की बेलें चढ़ाई जाती हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार, जहां 1 बीघा में सिर्फ टमाटर से करीब 50,000 रुपए की आमदनी होती है, वहीं मल्टीलेयर सिस्टम से यही जमीन 1.5 से 2 लाख रुपए तक कमा रही है. एक ही खाद, पानी और मजदूरी में कई फसलें तैयार होने से लागत घटती है, जोखिम बंट जाता है और किसानों को साल भर रोज़गार और सब्जियों की लगातार उपलब्धता मिलती है.