Explainer: जाति और हिंदू धर्म को लेकर क्या थे अंबेडकर के विचार, जो वाकई क्रांतिकारी थे
डॉ. भीमराव अंबेडकर जाति प्रथा को हिंदू समाज की सबसे बड़ी बुराई मानते थे, क्योंकि वो मानते थे कि ये असमानता, शोषण और भेदभाव की जड़ थी. साथ ही वो धर्म को तर्कसंगत, समतामूलक और मानवतावादी बनाना चाहते थे, इसलिए हिंदू धर्म के रूढ़िवादी स्वरूप का विरोध किया.