लखीमपुर खीरी में मूंगफली की खेती से किसानों की आमदनी हो रही दोगुनी, बलुई दोमट मिट्टी बनी वरदान

लखीमपुर खीरी में मूंगफली की खेती से किसानों की आमदनी हो रही दोगुनी, बलुई दोमट मिट्टी बनी वरदान
Peanut farming: मूंगफली की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. इसकी बुवाई अप्रैल से जून के बीच की जाती है. फसल लगभग 110 से 120 दिनों में तैयार हो जाती है. अच्छी देखभाल और सही समय पर सिंचाई करने से किसान प्रति बीघा अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. बाजार में मूंगफली की मांग लगातार बनी रहती है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल जाते हैं।मूंगफली की खेती में खाद और पानी की जरूरत कम पड़ती है, जबकि मुनाफा अधिक मिलता है. किसान इस फसल से तेल, दाना और पशु चारे के रूप में भी अतिरिक्त लाभ कमा रहे हैं. यही वजह है कि अब युवा किसान भी आधुनिक तरीके से मूंगफली की खेती करने में रुचि दिखा रहे हैं.