समस्तीपुर का रहस्यमयी कोचिलावन! 16वीं सदी के साधु की तपस्थली, 22 एकड़ में फैला वन; यहां से मिट्टी-लकड़ी ले जाने पर होता है नुकसान

समस्तीपुर का रहस्यमयी कोचिलावन! 16वीं सदी के साधु की तपस्थली, 22 एकड़ में फैला वन; यहां से मिट्टी-लकड़ी ले जाने पर होता है नुकसान
Samastipur News: कोचिलावन को लेकर स्थानीय लोगों के बीच कई मान्यताएं प्रचलित है. गोरगामा निवासी विशेश्वर ठाकुर उर्फ जिला केशरी बताते है कि इस स्थान से यदि कोई लकड़ी, मिट्टी या कोई भी वस्तु अपने घर ले जाता है तो उसे नुकसान उठाना पड़ता है. उनका दावा है कि कोचिला मठ की जमीन पर अगर कोई खेती करने की कोशिश करे तो फसल अपने आप नष्ट हो जाती है. लोग इसे साधु की तपस्या और इस स्थान की दिव्य शक्ति से जोड़ते है. इसी वजह से यहां आने वाले लोग आज भी मठ परिसर में पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ प्रवेश करते है.