तमिलनाडु की सियासत में आखिर हर पार्टी के नाम में क्यों जुड़ा रहता 'K', 82 सालों से इस 'क' के इर्द-गिर्द घूम रही है राज्य की पूरी राजनीति
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों और थलपति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) की धमाकेदार एंट्री ने दक्षिण की राजनीति में हलचल मचा दी है. विजय की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि तमिलनाडु की सत्ता का रास्ता आज भी 'K' यानी 'कड़गम' शब्द से ही होकर गुजरता है. आखिर क्या वजह है कि पेरियार के दौर से लेकर आज विजय के उदय तक, हर पार्टी के नाम में यह शब्द अनिवार्य रूप से जुड़ा रहता है? पिछले 82 सालों से राज्य की पूरी सियासत इसी एक शब्द के इर्द-गिर्द क्यों सिमटी हुई है? जानते हैं पूरी कहानी.