जेष्ठ महीने में क्यों होती है हनुमान जी की विशेष पूजा, क्या है महत्व? हनुमानगढ़ी के महंत से जाने
धार्मिक दृष्टि से ज्येष्ठ माह तप, त्याग और सेवा का प्रतीक है इस दौरान पड़ने वाली भीषण गर्मी में सेवा को सबसे बड़ा धर्म माना गया है. यही कारण है कि बड़ा मंगल के अवसर पर जगह-जगह भंडारे, प्याऊ (ठंडे पानी की व्यवस्था), शरबत वितरण और गरीबों को भोजन कराने की परंपरा देखने को मिलती है. यह न केवल भक्ति का रूप है बल्कि समाज सेवा का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण है जो हनुमान जी के जीवन मूल्यों को दर्शाता है . साल 2026 में इस पवित्र महीने की शुरुआत 2 मई से हो रही है जो 29 जून तक चलेगा.