महाराजगंज के सीमावर्ती इलाकों में खेतों में रातभर रुकती हैं भेड़, किसान देते हैं राशन, मिलता है ये फायदा, जाने

महाराजगंज के सीमावर्ती इलाकों में खेतों में रातभर रुकती हैं भेड़, किसान देते हैं राशन, मिलता है ये फायदा, जाने
महराजगंज के सीमावर्ती गांवों में भेड़ों को अपने खेत में रात में रुकने के लिए अनुमति देने के पीछे किसानों का एक बहुत बड़ा फायदा होता है. जब भेड़ के झुंड खेत में लंबे समय तक रूकते हैं तो उनके मल–मूत्र से खेत में प्राकृतिक खाद मिलती है. इस खाद से खेतों की उर्वरता बढ़ती है और खेत में फसल की पैदावार भी बहुत अच्छी हो है. खास बात है कि यह पारंपरिक तरीका बहुत ही प्राकृतिक रूप से प्रचलित है और एक लंबे समय से किसान इस तरह की परंपरा के साथ खेती करते आ रहे हैं.