शादी में क्यों की जाती है कोहबर की पूजा? महिलाएं लोकगीत गाकर नए जोड़े को देती हैं आशीर्वाद, जाने

शादी में क्यों की जाती है कोहबर की पूजा? महिलाएं लोकगीत गाकर नए जोड़े को देती हैं आशीर्वाद, जाने
सुल्तानपुर और अवध में शादी के बाद कोहबर पूजा की पुरानी रस्म जारी, कमरे में पारंपरिक चित्र और सिंदूर से पूजा, महिलाएं लोकगीत गाकर नवदंपति को आशीर्वाद देती हैं. जिस कमरे में कोहबर का पूजन किया जाता है उसमें पारंपरिक चित्र बनाए जाते हैं. इन चित्रों में मछली कमल फूल, बांस, सूर्य, चंद्रमा, मछली और पक्षियों के चित्र बनाए जाते हैं. लोक मान्यता है कि ये चित्र दांपत्य जीवन में प्रेम, समृद्धि और वंश वृद्धि का प्रतीक होते हैं. पहले गांव की महिलाएं प्राकृतिक रंगों से हाथों से यह चित्र बनाती थीं. आज भी कई घरों में यह परंपरा जीवित है और इसे शुभ माना जाता है.