राजीव गांधी की अंतिम यात्रा: जब रो पड़ा था पूरा देश, वीर भूमि पर उमड़ा था जनसैलाब

राजीव गांधी की अंतिम यात्रा: जब रो पड़ा था पूरा देश, वीर भूमि पर उमड़ा था जनसैलाब
21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया था. श्रीपेरंबुदूर में हुए आत्मघाती बम विस्फोट के बाद 24 मई को दिल्ली के वीर भूमि पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. तीन मूर्ति भवन से वीर भूमि तक निकली शवयात्रा में लाखों लोग उमड़ पड़े थे. उस दिन की भीषण गर्मी भी लोगों के दर्द को कम नहीं कर सकी. पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और बेनजीर भुट्टो समेत दुनिया भर के नेता मौजूद थे. यह भारत के राजनीतिक इतिहास की सबसे भावुक और विशाल अंतिम यात्राओं में गिनी जाती है.