बचपन में खो दिया एक पैर, जितेंद्र बने पावर लिफ्टिंग के नेशनल चैंपियन, ओलंपिक में गोल्ड लाने का है सपना

बचपन में खो दिया एक पैर, जितेंद्र बने पावर लिफ्टिंग के नेशनल चैंपियन, ओलंपिक में गोल्ड लाने का है सपना
जितेंद्र कुमार ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि बचपन में मैं जब लगभग ढाई साल का था, उस समय ट्रक के साथ हुए हादसे में मेरा एक पैर चला गया. मेरी उम्र कम थी तो जैसे ही नॉर्मल बच्चे खेलते हैं वैसे ही मैं भी खेलता था. लेकिन स्थिति के बाद स्कूल जाने में परेशानी आती थी. घरवाले मुझे स्कूल छोड़ने जाते थे. धीरे-धीरे में बड़ा होने लगा लेकिन मैंने कभी अपने दिमाग में यह आने नहीं दिया कि मेरे एक पैर नहीं है मैं केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान रखता था.