किस्सा 1733 का: सिर्फ अंग्रेज नहीं, स्वीडन वाले भी आए थे भारत, तमिलनाडु में लगी थी फैक्ट्री; अब PM मोदी की नई मेगा डील
India Sweden Relation: 18वीं सदी में सिर्फ ब्रिटिश या फ्रेंच ही नहीं, बल्कि स्वीडन ने भी भारत में व्यापारिक पैर जमाने की कोशिश की थी. 1733 में स्वीडिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने तमिलनाडु के पोर्टो नोवो यानी पारंगिपेट्टई में फैक्ट्री स्थापित करने की योजना बनाई थी. हालांकि ब्रिटिश और फ्रेंच विरोध के कारण यह कोशिश ज्यादा समय तक सफल नहीं रही. अब करीब 300 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वीडन दौरे ने इस पुराने इतिहास को फिर चर्चा में ला दिया है. गोथेनबर्ग, जहां स्वीडिश ईस्ट इंडिया कंपनी की शुरुआत हुई थी, आज भी स्वीडन का बड़ा औद्योगिक केंद्र है. भारत और स्वीडन अब ग्रीन टेक्नोलॉजी, AI, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग में नई मेगा साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं.