Video: नौकरी छोड़, पौधों से किया प्यार! मिलिए 'पागल' किसान से जिसने 6 एकड़ को बना दिया आयुर्वेद का अस्पताल
Success Story: नई दिल्ली के पास हरियाणा के पानीपत में रहने वाले 74 वर्षीय रणजीत सिंह आज मेडिसिन प्लांट बाबा के नाम से जाने जाते हैं, लेकिन उनकी कहानी खेती के पारंपरिक किस्सों से अलग एक वैकल्पिक करियर मॉडल भी पेश करती है. 1970 के दशक में जब पढ़े-लिखे युवाओं के लिए सरकारी नौकरी अपने आप दरवाजे तक पहुंचती थी. तब रणजीत ने स्थायी वेतन छोड़कर जोखिम भरी खेती और आयुर्वेदिक पौधों की नर्सरी चुनी. लोगों ने उन्हें पागल कहा कि लेकिन आज उनकी 6 एकड़ की नर्सरी देश-विदेश से आने वाले लोगों के लिए आयुर्वेदिक ज्ञान का खुला विश्वविद्यालय बन गई है. 150 से ज्यादा औषधीय पौधों के बीच रणजीत किसी भी मरीज को मुफ्त पौधे देकर इलाज का विकल्प सुझाते हैं. बेटे ने भी सरकारी नौकरी छोड़ उनकी राह पकड़ी और अब दोनों मिलकर मेडिसिन प्लांट बेस्ड प्रोडक्ट बनाकर लाखों का कारोबार कर रहे हैं. रणजीत इसे सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि ज़हरीली होती जमीन और दूषित पानी के बीच आयुर्वेद के सहारे जीवन बचाने का मिशन मानते हैं.