Satua Sankranti 2026 Daan: राजा बलि को पराजित करने के बाद श्रीहरि ने किया था सत्तू का भोजन, जानें सत्तू व घड़े के दान का महत्व
Satua Sankranti 2026: बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में हर साल सतुआ संक्रांति परंपरागत आस्था और लोकजीवन से जुड़ा पर्व माना जाता है. घरों में इस दिन सतुआ को पानी, नमक, नींबू या गुड़ के साथ घोलकर पिया जाता है. कई जगह इसे धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए सूर्य देव को अर्ध्य देने और दान-पुण्य करने की परंपरा भी देखी जाती है.