2021 का जिन्न फिर बाहर! हिजाब पर फिर सुलगेगा कर्नाटक? सरकार के फैसले से मचा घमासान
Hijab Controversy: कर्नाटक में हिजाब को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है. मामला सिर्फ शिक्षा नीति या ड्रेस कोड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब ये पूरे देश में राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. दरअसल, कर्नाटक सरकार ने हाल ही में स्कूलों में ड्रेस कोड को लेकर जारी कुछ पुराने प्रतिबंधों में बदलाव करते हुए हिजाब को अनुमति देने से जुड़ा कदम उठाया है. सरकार का कहना है कि यह फैसला छात्रों की शैक्षणिक सुविधा और धार्मिक स्वतंत्रता को ध्यान में रखकर लिया गया है. लेकिन इस फैसले के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि इससे स्कूलों में समानता और अनुशासन पर असर पड़ सकता है और यह समाज में अलगाव की भावना को भी बढ़ावा दे सकता है. वहीं, सत्तापक्ष का तर्क है कि यह कदम धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी था. उनका कहना है कि शिक्षा संस्थानों में सभी छात्रों को सम्मान के साथ अपनी आस्था के अनुसार सीमित स्वतंत्रता मिलनी चाहिए. इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि भी पुरानी है. साल 2021 में उडुपी के एक कॉलेज से शुरू हुआ हिजाब विवाद पूरे कर्नाटक में फैल गया था और मामला कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुंचा था. कोर्ट ने उस समय कहा था कि यूनिफॉर्म नियमों के तहत धार्मिक ड्रेस पर रोक लगाई जा सकती है और हिजाब इस्लाम में अनिवार्य नहीं माना जाता.