लंदन का ऐशो-आराम छोड़ देश लौटीं सानिया, 98% महिला कर्मचारियों के साथ खड़ी की कामयाबी की नई इबारत!
सानिया कुछ समय तक अपने पति के साथ लंदन में रहीं. वहां बेहतर अवसर और सुविधाएं थीं, लेकिन उनके मन में हमेशा अपने देश के लिए कुछ करने की इच्छा बनी रही. बाद में उन्हें फिर से लंदन लौटने का मौका मिला, लेकिन उन्होंने भारत में ही रहकर काम करने का फैसला लिया. उनका कहना है कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही अवसर और मंच देने की है.