हवा में झूलती ट्रॉलियां, जमीन पर इतिहास! देखा है बोकारो का ये गजब रोपवे, अनोखी है कहानी

हवा में झूलती ट्रॉलियां, जमीन पर इतिहास! देखा है बोकारो का ये गजब रोपवे, अनोखी है कहानी
Bokaro ka purana ropeway : स्थानीय ग्रामीण गोपाल महतो उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि इस रोपवे की नींव 1968-69 में रखी गई थी और 1971 में काम पूरा हुआ था. उस समय जमीन अधिग्रहण के दौरान कई स्थानीय लोगों को नौकरी भी मिली थी, जिससे यह परियोजना उनकी यादों में आज भी जिंदा है और इस रोपवे परियोजना का निर्माण जोसेफ कंपनी द्वारा करीबन 14 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था.