सेना की तरह अनुशासित रहकर अयोध्या की छावनी में तपस्या करते थे साधु-संत, आध्यात्मिक उर्जा का होता था केंद्र, जाने

सेना की तरह अनुशासित रहकर अयोध्या की छावनी में तपस्या करते थे साधु-संत, आध्यात्मिक उर्जा का होता था केंद्र, जाने
जगद्गुरु परमहंस आचार्य बताते हैं की अयोध्या की सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध छावनियों में से एक है तपस्वी जी की छावनी. यह स्थान न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का भी केंद्र माना जाता है. मान्यता है कि यहां सैकड़ों वर्षों से संत-महात्मा तपस्या करते आ रहे हैं. इस छावनी में साधु-संतों का जमावड़ा लगा रहता था. जहां वे भजन-कीर्तन, ध्यान और धार्मिक चर्चाओं में लीन रहते थे. छावनी शब्द के पीछे एक और वजह यह भी मानी जाती है कि अयोध्या में वैरागी साधुओं का एक प्रकार का संगठनात्मक ढांचा था, जो किसी सेना की तरह अनुशासित होता था.