रुकमणि की इच्छा पर श्री कृष्ण ने कनक भवन का कराया था कायाकल्प, कैकेई ने सीता को मुंह दिखाई मे किया था भेंट, जाने
अयोध्या के रामकोट स्थित कनक भवन को माता सीता का निजी महल माना जाता है, मान्यता है त्रेता में बना और द्वापर में श्रीकृष्ण ने पुनर्निर्माण कराया. अब यहां भक्तों की भीड़ बढ़ी है. अयोध्या के प्रसिद्ध विद्वान पवन दास शास्त्री के बताते हैं कि कनक भवन माता सीता को मुंह दिखाई की रस्म में माता कैकई द्वारा भेंट किया गया था. विवाह के बाद जब माता सीता पहली बार अयोध्या पहुंचीं, तब महारानी कैकई ने उन्हें यह दिव्य भवन उपहार स्वरूप दिया. इसलिए इसे माता जानकी का निजी महल और निवास स्थान भी माना जाता है.