फोड़ा-फुंसी और गर्मी से हैं परेशान? जानिए क्यों भरतपुर के ग्रामीण आज भी नीम की छाल को मानते हैं रामबाण इलाज
Neem Bark Benefits: भरतपुर के ग्रामीण इलाकों में आज भी नीम की छाल को पारंपरिक और असरदार घरेलू उपचार माना जाता है. भीषण गर्मी के दौरान लोग नीम की छाल को पीसकर उसका ठंडा लेप तैयार करते हैं, जिसे शरीर पर लगाने से गर्मी से राहत मिलती है. ग्रामीणों का मानना है कि यह लेप फोड़ा-फुंसी, खुजली और कई प्रकार के चर्म रोगों में काफी लाभकारी साबित होता है. आयुर्वेद में भी नीम को औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है. गांवों में पुराने समय से चली आ रही यह परंपरा आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय बनी हुई है. स्थानीय लोग रासायनिक दवाइयों की बजाय प्राकृतिक उपचार को ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी मानते हैं. गर्मी के मौसम में नीम की छाल की मांग भी बढ़ जाती है.