पाठा के जंगल में चंदेल वंश के राजा ने बनवाया था मंदिर, देखभाल न होने धरोहर बना खंडहर, 400 साल पुराना है मंदिर, जाने महत्व
मानिकपुर पाठा क्षेत्र के जारोंमाफी के जंगल में मौजूद इस प्राचीन मंदिर आज भी पूजा अर्चना के लिए जाते है. माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण चंदेल कालीन एक राजा ने करवाया था. इसी के बगल में एक तालाब भी है. जहां राजा लोग स्नान किया करते थे और इस मंदिर में आ कर पूजा अर्चना करते थे. आज भी इस मंदिर कई प्राचीन मूर्ति मौजूद है और आज भी दीवारों में बनी नक्काशी इस बात का प्रमाण करती है कि यह मंदिर काफी प्राचीन है. हालांकि अब यह मंदिर देखने की अभाव से धीमे-धीमे खंडहर में तब्दील हो रहा है.