ना मशीन, ना मिक्सर... धौलपुर के ग्रामीण आज भी 'जतरा' को मानते हैं शुभ, परंपरा देखकर लोग रह गए हैरान
Dholpur Hindi News: राजस्थान के धौलपुर जिले के गांवों में आज भी पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाज जीवंत दिखाई देते हैं. यहां आधुनिक मशीनों के दौर में भी कई ग्रामीण परिवार चने की दाल पीसने के लिए “जतरा” का उपयोग करते हैं. पत्थर से बने इस पारंपरिक उपकरण को केवल घरेलू काम का साधन नहीं, बल्कि शुभता और आस्था का प्रतीक माना जाता है. गांवों में शादी, त्योहार और अन्य मांगलिक अवसरों पर “जतरा” की पूजा की जाती है और इसे घर की समृद्धि से जोड़ा जाता है. बुजुर्गों का मानना है कि “जतरा” से पीसी गई दाल का स्वाद और शुद्धता अलग होती है. बदलते समय के बावजूद धौलपुर के ग्रामीण अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए हैं.