नई दुल्हन के कमरे की दीवार पर क्यों बनता है ‘कोहबर’? जानिए मिथिलांचल की सदियों पुरानी परंपरा

नई दुल्हन के कमरे की दीवार पर क्यों बनता है ‘कोहबर’? जानिए मिथिलांचल की सदियों पुरानी परंपरा
Ancient kohbar tradition : मिथिलांचल की एक अत्यंत प्राचीन और समृद्ध पारंपरिक लोककला है, जो मुख्य रूप से विवाह के अवसर पर वर-वधू के वैवाहिक कक्ष (कोहबर घर) की दीवारों पर बनाई जाती है. यह मधुबनी पेंटिंग की एक प्रमुख शैली है, जिसमें प्रेम, प्रजनन, समृद्धि और वैवाहिक सुख के प्रतीकों (जैसे कमल, मछली, बांस, सूर्य-चंद्रमा) का उपयोग किया जाता है.