तमिलनाडु में हर नई सरकार आते ही शराब की दुकानें क्यों बंद कर देती है? पहले किसने ऐसा किया
जनता का गुस्सा या खजाने की मजबूरी? तमिलनाडु में जयललिता से लेकर विजय तक, शराब की दुकानें बंद करने के पीछे का असल सच क्या है?