क्या प्रतीक यादव की जान बचाई जा सकती थी... मौत का टाइमलाइन: कितने बजे सोए और कब थमी सांसें? पुलिस की जांच में खुलेंगे गहरे राज

क्या प्रतीक यादव की जान बचाई जा सकती थी... मौत का टाइमलाइन: कितने बजे सोए और कब थमी सांसें? पुलिस की जांच में खुलेंगे गहरे राज
Prateek Yadav Death Mystery : प्रतीक यादव की अचानक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. तड़के 5:30 बजे अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी धड़कनें रुक चुकी थीं. फिटनेस के प्रति जुनूनी प्रतीक कब सोते थे और कितने बजे जागते थे? क्या उनकी जान बचाई जा सकती थी? अब पुलिस उनके कमरे से लेकर उनकी डाइट तक की बारीकी से जांच कर रही है ताकि मौत की गुत्थी सुलझ सके.