अनचाहे गर्भ पर दो कोर्ट दो फैसले; सुप्रीम कोर्ट से HC तक डॉक्टरों की शामत, जज साहब ने खूब लताड़ा
Unwanted Pregnancy Case: अनचाहे गर्भ और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी के दो मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों और मेडिकल बोर्डों पर सख्त टिप्पणी की है. दिल्ली हाईकोर्ट ने 27 हफ्ते की गर्भवती महिला के मामले में आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों को फटकार लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने 15 साल की रेप पीड़िता के मामले में AIIMS के रवैये पर नाराजगी जताई. अदालतों ने कहा कि महिलाओं की प्रजनन स्वतंत्रता संवैधानिक अधिकार है और मेडिकल संस्थानों को अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट तरीके से निभानी होगी.