अंगूर नहीं नूरजहां आम से जहांगीर के लिए तैयार करती थी वाइन, मुगल बादशाह और हैदराबाद के नवाबों से जुड़ा है इतिहास
इस आम का नाम मुगल बादशाह जहांगीर के नाम पर रखा गया है, जो कला और प्रकृति के प्रेमी थे. यह माना जाता है कि मुगलों के समय में ही इसे शाही बगीचों में विकसित किया गया था. जहांगीर आम मुख्य रूप से हैदराबाद के आसपास के क्षेत्रों में उगाया जाता है. जहांगीर आम जिससे वाइन भी तैयार होती है और जहांगीर की बेगम नूरजहां इस आम से वाइन तैयार कर दिया करती थी.