Video: नैनो से फॉर्च्यूनर तक का सफर! चंपारण के इस युवक की जिद ने मचाया तहलका, बने पोल्ट्री किंग
Golu Singh Poultry Success: अक्सर लोग समाज के तानों से डरकर अपने सपने छोड़ देते हैं, लेकिन पूर्वी चंपारण के घोघराहा गांव के गोलू सिंह ने उन्हीं तानों को अपनी सफलता की सीढ़ी बना लिया. साल 2006 में मैट्रिक के बाद जब गोलू ने महज 400 चूजों से मुर्गी पालन शुरू किया. तो गांव वालों ने उन्हें मुर्गी वाला कहकर चिढ़ाया. आलम यह था कि उनकी मां मुर्गियों के व्यापार के बाद जमीन को गोबर से लीपकर शुद्ध करती थीं. लेकिन गोलू की जिद के आगे वक्त भी बदल गया. 20 सालों के संघर्ष के बाद आज वे चंपारण के पोल्ट्री किंग हैं. उनका संकल्प इतना अटूट था कि उन्होंने अपनी शादी के लिए भाड़े की गाड़ी के बजाय खुद की कमाई से टाटा नैनो खरीदी. आज उनके पास आलीशान तीन मंजिला पोल्ट्री सेंटर्स हैं. वे नैनो से फॉर्च्यूनर तक का सफर तय कर चुके हैं. हर महीने लाखों मुर्गियों का कारोबार करने वाले गोलू आज न केवल खुद सफल हैं, बल्कि दर्जनों युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण भी दे रहे हैं. उनकी यह कहानी साबित करती है कि अगर इरादा पक्का हो, तो गांव की मिट्टी से भी साम्राज्य खड़ा किया जा सकता है.