Opinion: बंगाल का 'शापित' ट्रेंड, हारने वाली पार्टी हो जाती है नेस्तनाबूद! कांग्रेस-लेफ्ट की तरह क्या अब TMC का अंत भी तय?

Opinion: बंगाल का 'शापित' ट्रेंड, हारने वाली पार्टी हो जाती है नेस्तनाबूद! कांग्रेस-लेफ्ट की तरह क्या अब TMC का अंत भी तय?
आजादी के बाद से ही बंगाल में यह अनोखा ट्रेंड रहा है कि सत्ता गंवाने वाली पार्टियां कभी वापसी नहीं करतीं. इसके कई कारण हैं. पहला यह कि बंगाल में बदलाव अचानक नहीं होता. जनता पहले इसका संकेत देती है. फिर बदलाव का फाइनल फैसला कर लेती है. पुरानी पार्टी को काम करने का जनता भरपूर मौका देती है. इस दौरान जनता तंगी-तबाही और सरकार की मनमानी को भी झेल लेती है. समय आने पर वोटर अपनी लायल्टी बदल लेते हैं. कल जो टीएमसी के सपोर्टर थे, अब वे भाजपा के हो गए हैं या होते जा रहे हैं. इसी तरह लेफ्ट पार्टियों के लोग भी टीएमसी की ओर मुखातिब हो गए थे.