व्हीलचेयर पर बैठी ‘दीदी’ बना रहीं 100 बच्चों का भविष्य, करौली की शैली ने लिखी हिम्मत की नई कहानी, देखें वीडियो
Shaili Agarwal Inspirational Story : करौली की शैली अग्रवाल की कहानी हिम्मत, जज़्बे और सेवा की एक ऐसी मिसाल है, जो हर किसी को प्रेरित करती है. एक हादसे ने उनसे चलने की ताकत छीन ली, लेकिन उनके हौसले को नहीं तोड़ पाया. आज व्हीलचेयर पर बैठकर वह अपने घर में ही एक निशुल्क पाठशाला चला रही हैं, जहां करीब 100 गरीब और जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाया जाता है. शैली ने इस पहल की शुरुआत बेहद छोटे स्तर से की थी. उन्होंने अपनी कामवाली की बेटी को पढ़ाना शुरू किया, जो धीरे-धीरे एक बड़े प्रयास में बदल गया. आज अलग-अलग बैच में बच्चे यहां आकर पढ़ाई करते हैं और सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि ड्राइंग, डांस और अन्य गतिविधियों के जरिए उनका संपूर्ण विकास भी किया जाता है. वनस्थली में पढ़ाई के दौरान हुए एक हादसे के बाद भी शैली ने हार नहीं मानी और अपने जीवन को दूसरों के लिए समर्पित कर दिया. उनका सपना है कि भविष्य में एक ऐसा स्कूल खोलें, जहां कोई भी बच्चा पैसों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उनकी यह यात्रा साबित करती है कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती.