रामपुर की जरी जरदोजी, नवाबी दौर से चली आ रही कढ़ाई कला, 40 हजार को रोजगार, अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंची स्थानीय पहचान, जाने
रामपुर की तंग गलियों में आज भी ऐसा नजारा दिख जाता है जो सीधे नवाबों के दौर की याद दिला देता है. यहां हर गली में दुकान, घर के आंगन में लकड़ी का बड़ा अड्डा रखा है. उस पर कसकर तना कपड़ा, और उसके चारों ओर बैठी कारीगरों की उंगलियां जो सुई-धागे, मोती, सितारे और जरी से साधारण कपड़े को शाही लिबास में बदल देती हैं. यही रामपुर की जरी-जरदोजी है, जो वक्त के साथ बदली जरूर लेकिन खत्म नहीं हुई.