मुरादाबाद का ठाकुरद्वारा माना जाता था आम के बगीचे का गढ़, खाने आते थे राजा महाराजा, जाने इतिहास

मुरादाबाद का ठाकुरद्वारा माना जाता था आम के बगीचे का गढ़, खाने आते थे राजा महाराजा, जाने इतिहास
लगभग 65 साल पहले मुरादाबाद में बहुत बाग हुआ करते थे. लगभग 1960 के आसपास यहां पर बड़ी संख्या में आम के बाग थे. उन्होंने कहा कि उस टाइम सब जमीदारों की बहुत फ़ौज थी. वह अपने मित्रों और रिश्तेदारों को आम भेजते थे. ठाकुरद्वारा में सबसे ज्यादा आम के बाग थे. इसके साथ ही राजा महाराजा यहां आम का स्वाद लेने के लिए आते थे. सबसे ज्यादा यहां देसी आम की पैदावार होती थी. वर्तमान स्थिति की अगर बात की जाए तो कुंदरकी, बिलारी और ठाकुरद्वारा तीन जगह आम के बाग अभी भी है. बाकी धीरे-धीरे आम के बाग अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं.