महाकाल की नगरी में अनोखी परंपरा, स्नान के बाद श्रद्धालु छोड़ जाते हैं जूते-चप्पल, नगर निगम को होती है लाखों की आय

महाकाल की नगरी में अनोखी परंपरा, स्नान के बाद श्रद्धालु छोड़ जाते हैं जूते-चप्पल, नगर निगम को होती है लाखों की आय
शनिचरी अमावस्या और शनि जयंती पर त्रिवेणी शनि मंदिर में उमड़ी श्रद्धा की विशाल भीड़ के बीच भक्तों ने तेल, कपड़े और जूते-चप्पल अर्पित किए. मंदिर में एकत्र तेल किसानों के पशुओं के उपयोग के लिए दिया जाएगा. जबकि कपड़े और जूतों का रीसाइक्लिंग कर फाइल कवर, आरडीएफ ईंधन और जरूरतमंदों के लिए उपयोगी सामग्री तैयार की जाएगी.