भारत vs चीन एग्जाम सिस्टम... इतना फर्क क्यों? आखिर कहां चूक हो रही है?
India vs China Exam System: भारत में एक बार फिर परीक्षा प्रणाली सवालों के घेरे में है. NEET UG, UGC-NET, UP Police भर्ती परीक्षा और BPSC जैसी बड़ी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और तकनीकी गड़बड़ियों के मामले सामने आ रहे हैं. इससे लाखों छात्रों का भविष्य सीधे प्रभावित हो रहा है और सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि क्या देश में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित हो सकती है? अब अगर चीन की बात करें, तो वहां प्रतियोगी परीक्षाओं को लगभग 'नेशनल सिक्योरिटी ऑपरेशन' की तरह लिया जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा से जुड़े टीचर्स को लंबे समय तक अलग-थलग रखा जाता है और पेपर की तैयारी बेहद सख्त सुरक्षा के बीच होती है. इसके अलावा वहां AI सर्विलांस, फेस रिकग्निशन कैमरे, GPS ट्रैकिंग और सिग्नल जैमर जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि किसी भी तरह की नकल या पेपर लीक की संभावना खत्म की जा सके. एक तरफ भारत में लगातार पेपर लीक और सिस्टम फेलियर की बहस चल रही है, वहीं चीन का यह सख्त मॉडल एक अलग ही तस्वीर पेश करता है और यही सवाल छोड़ता है कि क्या बड़े एग्जाम्स को वाकई पूरी तरह से सुरक्षित बनाना संभव है?