तेल, गैस और रुपये का खेल… पीएम मोदी की अपील का असली मतलब समझिए! एनर्जी एक्सपर्ट ने खोल दिया पूरा सच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के पीछे असली वजह को लेकर ऊर्जा विशेषज्ञ सुखमल कुमार जैन ने विस्तार से जानकारी दी है. उनका कहना है कि आज भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों में से एक है और अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव या युद्ध जैसी परिस्थितियां बनती हैं तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. उन्होंने बताया कि ऐसे हालात में विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है, रुपया कमजोर होता है और इसका प्रभाव धीरे-धीरे आम जनता तक पहुंचता है. हालांकि इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को अपेक्षाकृत नियंत्रित रखने की कोशिश की गई है ताकि उपभोक्ताओं पर अचानक बड़ा बोझ न पड़े. सुखमल कुमार जैन के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील इसी आर्थिक और ऊर्जा दबाव की स्थिति से जुड़ी हुई है, क्योंकि यदि विदेशी मुद्रा पर लगातार दबाव बना रहा और रुपये में गिरावट जारी रही तो इसका असर देश की पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत धीरे-धीरे वैकल्पिक और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ रहा है, जिसमें पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग, संपीड़ित बायोगैस यानी सीबीजी, बायोडीजल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे विकल्प शामिल हैं, जिससे विदेशी तेल पर निर्भरता कम की जा सके.