तेलंगाना के भद्राचलम का गोपालकृष्ण थिएटर बना वीरान! कभी था हाउसफुल, आज खामोश खंडहर में बदली पहचान
तेलंगाना के भद्राचलम के पुराने बाजार क्षेत्र में स्थित गोपालकृष्ण थिएटर कभी शहर की सांस्कृतिक धड़कन माना जाता था, लेकिन आज इसकी जर्जर दीवारें और टूटी छत बीते सुनहरे दौर की कहानी सुना रही हैं. 70 और 80 के दशक में बना यह थिएटर भद्राचलम के लोगों के मनोरंजन का सबसे बड़ा केंद्र था. यहां एन.टी. रामा राव, चिरंजीवी और अक्किनेनी नागेश्वर राव जैसे दिग्गज कलाकारों की फिल्में हफ्तों हाउसफुल चला करती थीं. टिकट खिड़की पर लंबी कतारें लगती थीं और इंटरवल में समोसों की खुशबू पूरे हॉल में फैल जाती थी. स्थानीय लोगों के मुताबिक गोपालकृष्ण थिएटर सिर्फ एक सिनेमा हॉल नहीं, बल्कि भद्राचलम की यादों और भावनाओं का हिस्सा था. लेकिन समय के साथ मल्टीप्लेक्स, सैटेलाइट टीवी और डिजिटल मनोरंजन के बढ़ते प्रभाव ने सिंगल स्क्रीन थिएटरों की चमक फीकी कर दी. दर्शकों की घटती संख्या और रखरखाव की कमी के चलते आखिरकार इस थिएटर के दरवाजों पर ताला लग गया. आज गोपालकृष्ण थिएटर की धूल से ढकी कुर्सियां, फटी स्क्रीन और खामोश गलियारे भद्राचलम के उस दौर की याद दिलाते हैं, जब यहां तालियों और सीटियों की गूंज सुनाई देती थी.