डिजिटल युग में सौंफ-सोपारी से पिथौरागढ़ में दिया जाता है शादी का न्योता, पुरानी पंरपरा है कायम, जाने
जब किसी घर में शादी या कोई शुभ काम होता है, तो परिवार का कोई सदस्य खुद गांव के हर घर जाता है. वह अपने हाथों से सौफ और सुपारी देता है और उसी के साथ प्यार भरा निमंत्रण भी. ये तरीका भले ही साधारण लगे, लेकिन इसमें जो अपनापन होता है, वो किसी कार्ड या मैसेज में नहीं मिल सकता. इस परंपरा की खास बात यही है कि इसमें रिश्तों की गर्माहट साफ महसूस होती है. जब कोई खुद आपके घर आकर आपको बुलाता है, तो आपको लगता है कि आपकी अहमियत है