जवाई लेपर्ड सफारी की गुफाएं, 1857 के विद्रोह का अभेद्य दुर्ग, जानें इसके पीछे का किस्सा
Pali News: राजस्थान के पाली जिले में स्थित जवाई लेपर्ड सफारी आज देशभर के पर्यटकों के लिए रोमांच और वन्यजीवों का बड़ा आकर्षण बन चुकी है. लेकिन इसी खूबसूरत पहाड़ी इलाके के पीछे एक ऐसा इतिहास छिपा है जो कम ही लोगों को पता है. स्थानीय कथाओं और इतिहासकारों के अनुसार यही वही गुफाएं हैं जहां 1857 की क्रांति के दौरान अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बड़ी रणनीतियां बनाई जाती थीं. इन प्राकृतिक चट्टानों और गुफाओं को उस समय विद्रोहियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता था जहां से वे गुरिल्ला युद्ध की योजना बनाते थे और अचानक हमले कर अंग्रेजी सेना को चौंका देते थे.स्थानीय लोगों का कहना है कि ये गुफाएं सिर्फ छिपने की जगह नहीं थीं बल्कि एक तरह का वॉर रूम थीं जहां गुप्त बैठकें होती थीं और रियासतों के खिलाफ रणनीति तैयार की जाती थी. ऊंची पहाड़ियों से दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखी जाती थी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई होती थी. आज इन्हीं पहाड़ियों में पर्यटक लेपर्ड सफारी का आनंद लेते हैं लेकिन यह जगह आज भी अपने अंदर इतिहास की परतें समेटे हुए है. रोमांच और इतिहास का यह अनोखा संगम जवाई को और भी खास बना देता है.